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केवल मुनाफ़ा नहीं, सेवा ही लक्ष्य: डॉ. आदित्य अग्रवाल और उनकी टीम कैसे पिथौरागढ़ में ज़िंदगियाँ रोशन कर रहे हैं।

  • Writer: Rahul Tripathi
    Rahul Tripathi
  • Nov 21, 2025
  • 3 min read

एक ऐसे समय में जब अधिकतर पेशेवर लोग कॉर्पोरेट सफलता और शहरी आराम के पीछे दौड़ रहे हैं, वहीं एक डॉक्टर ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुना —सेवा, मानवता और उम्मीद का रास्ता, जो उन्हें उत्तराखंड के पहाड़ों तक ले आया।

डॉ. आदित्य अग्रवाल, एक योग्य और अनुभवी चिकित्सक, ने अपने परिवार के साथ पिथौरागढ़ में बसने का जीवन-परिवर्तनकारी निर्णय लिया।उनका उद्देश्य सरल था, लेकिन बेहद गहरा —समाज के लिए स्वास्थ्य सेवा को समर्पित जीवन

आज वे डॉ. लीलाधर भट्ट मेमोरियल सीमांत नेत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं — एक विशेष नेत्र-चिकित्सा केंद्र, जो पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिले में करुणा और देखभाल का प्रतीक बन चुका है।

Dr. Aditya Agarwal with then District Magistrate Pithoragarh Ms. Reena Joshi
Dr. Aditya Agarwal with then District Magistrate Pithoragarh Ms. Reena Joshi

दृष्टि लौटाना, आशा लौटाना

डॉ. अग्रवाल के नेतृत्व में यह अस्पताल क्षेत्र के सबसे विश्वसनीय चिकित्सा संस्थानों में से एक बन गया है।यह सिर्फ एक नेत्रालय नहीं —सुलभ और किफायती नेत्र-सेवा का एक आंदोलन है।

अस्पताल का सिद्धांत बेहद स्पष्ट है:पैसे की कमी के कारण किसी को भी इलाज से वंचित नहीं होना चाहिए।

जहाँ सामान्य उपचार शुल्क बहुत न्यूनतम रखे जाते हैं, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का पूरा इलाज बिल्कुल नि:शुल्क किया जाता है।

हर दिन, डॉ. अग्रवाल और उनकी टीम मेहनत से कहीं अधिक —समर्पण के साथ —जाँच, ऑपरेशन और उपचार करते हैं।अक्सर काम के घंटों से भी आगे बढ़कर वे मरीजों की सेवा करते हैं।

उनकी इस प्रतिबद्धता ने हजारों लोगों की न केवल दृष्टि लौटाई है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और स्वतंत्रता को भी वापस दिया है।

इस मिशन की नींव: डॉ. सिद्धार्थ पटनी

सीमांत नेत्रालय की कहानी डॉ. सिद्धार्थ पटनी के बिना पूरी नहीं हो सकती।वे इस अस्पताल की रीढ़ और प्रेरक शक्ति हैं।

परिकल्पना के शुरुआती चरणों से लेकर स्थापना और संचालन तक —हर कदम पर डॉ. पटनी की दृष्टि, मेहनत और संगठन कौशल ने संस्थान को आकार दिया है।

वे यह सुनिश्चित करते हैं कि अस्पताल अपने मूल मिशन —सहानुभूति और समानता के साथ उत्कृष्ट नेत्र-सेवा — से कभी न भटके।

डॉ. पटनी सिर्फ चिकित्सा विशेषज्ञ नहीं, बल्किएक ऐसी प्रणाली के निर्माता हैं जो सेवा को टिकाऊ बनाती है।

Dr. Siddharth Patni, Dr. Agarwal & other members with Cabinet Minister Mr. Dhan Singh Rawat Uttarakhand
Dr. Siddharth Patni, Dr. Agarwal & other members with Cabinet Minister Mr. Dhan Singh Rawat Uttarakhand

नेत्र-सेवा हर गाँव तक: मोबाइल अस्पताल वैन

सीमांत नेत्रालय की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है —दूर-दराज़ के लोगों तक पहुँचने की प्रतिबद्धता।

अस्पताल की मोबाइल वैन पिथौरागढ़ के गांव-गांव जाकरनि:शुल्क नेत्र-जांच शिविर आयोजित करती है।

दूरस्थ इलाकों के लिए यह वैन केवल एक सुविधा नहीं —कई लोगों के लिए यही उनकी एकमात्र स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच है।

हजारों ग्रामीणों को इन शिविरों से लाभ मिला है —जांच, दवाइयाँ, परामर्श और जरूरत पड़ने पर रेफरल —सब कुछ पूरी तरह नि:शुल्क

यह पहल दर्शाती है किअसली स्वास्थ्य सेवा अस्पताल की चार दीवारों में नहीं —गाँवों की पगडंडियों पर मिलती है।


सफलता की अदृश्य ताकत: श्री राज भट्ट

इस मिशन की सफलता में श्री राज भट्ट,(चेयरमैन और CEO, Elara Capital) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यदि उनका आर्थिक सहयोग, भरोसा और दूरदर्शिता न होती,तो शायद सीमांत नेत्रालय का सपना कभी पूरा ही न हो पाता।

उनकी सहायता ने यह सुनिश्चित किया कि न केवल अस्पताल स्थापित हो, बल्कि विश्व-स्तरीय सुविधाओं के साथ समाज की सेवा भी कर सके।

वे आज भी आर्थिक, नैतिक और रणनीतिक रूप से इस संस्थान के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं।

Mr. Raj Bhatt, Chairman & CEO Elara Capital PLC
Mr. Raj Bhatt, Chairman & CEO Elara Capital PLC

मानवता की सेवा, एक आंदोलन की प्रेरणा

डॉ. आदित्य अग्रवाल,डॉ. सिद्धार्थ पटनी,और श्री राज भट्ट —तीनों की साझी प्रतिबद्धता ने सीमांत नेत्रालय को एक संस्थान से बढ़करआशा का प्रतीक बना दिया है।

पिथौरागढ़ की घाटियों में, जहाँ पहुँच ही अवसर तय करती है,इन तीनों की यह सेवा-यात्रा एक प्रमाण है—


जब उद्देश्य लाभ से बड़ा होता है,तभी सेवा असली सफलता बनती है।

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