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पहाड़ों में बदलाव की लहर: पिथौरागढ़ की एक महिला उद्यमी 'श्रीमती ज्योति धामी' कैसे बदल रही हैं पहाड़ों का स्वाद, सोच और समाज।

  • Writer: Rahul Tripathi
    Rahul Tripathi
  • Nov 21, 2025
  • 3 min read

पिथौरागढ़ की ताज़ी चाय की खुशबू और पहाड़ों की गर्मजोशी के बीच एक ऐसा कैफ़े खड़ा है, जो सिर्फ खाने की जगह नहीं — महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और स्थानीय गौरव का प्रतीक बन चुका है।

मिलिए श्रीमती ज्योति धामी से — टकाना टीज़ की संस्थापिका, जिनकी दृढ़ता और कल्पनाशीलता ने पहाड़ों में स्थानीय उद्यमिता को एक नई पहचान दी है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) से शुरुआत करके जिले के सबसे लोकप्रिय कैफ़े की मालिक बनने तक का उनका सफर साहस, समुदाय और क्रिएटिविटी से भरा हुआ है।

Mrs. Jyoti Dhami posing in the right with pink attire in front of her cafe 'Takana Teas' Pithoragarh
Mrs. Jyoti Dhami posing in the right with pink attire in front of her cafe 'Takana Teas' Pithoragarh

SHG से उद्यमी बनने तक का सफर


श्रीमती धामी ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत एक महिला SHG से की, जहाँ उन्होंने टीमवर्क, आर्थिक स्वतंत्रता और कौशल विकास का महत्व सीखा। इन्हीं अनुभवों ने उनके भीतर एक सपना बोया—कुछ ऐसा बनाने का जो न केवल उन्हें आगे बढ़ाए, बल्कि उनके जैसी कई महिलाओं को भी सशक्त बनाए।

जब पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने सरस मॉल में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने की पहल की, उन्होंने इस अवसर को पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनाया। प्रशासन के सहयोग से ‘टकाना टीज़’ ने जन्म लिया—एक सुकून भरा, स्वागतपूर्ण कैफ़े जो उत्तराखंड की महिलाओं के स्वाद, आत्मीयता और शक्ति की कहानी कहता है।


पहाड़ों का असली स्वाद


टकाना टीज़ थोड़े ही समय में पिथौरागढ़ का पसंदीदा स्थान बन गया है—विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो आराम और संस्कृति दोनों का स्वाद एक साथ चाहते हैं।कैफ़े का मेन्यू पहाड़ी व्यंजनों का एक खूबसूरत उत्सव है, जिसमें शामिल हैं:

  • भट्ट के डुपके

  • झोली (पहाड़ी करी)

  • आलू के गुटके

  • पुदीना की चटनी

  • रायता

  • और कई घर जैसा स्वाद देने वाले पारंपरिक पकवान

साथ ही, यह कैफ़े आधुनिक पसंदों का भी पूरा ध्यान रखता है—चाय, कॉफ़ी, स्नैक्स, मोमोज़, मैगी, सैंडविच, बेक्ड आइटम्स और बहुत कुछ।चाहे शाम की चाय का छोटा-सा ब्रेक हो, या दोस्तों संग लंबी बातचीत—टकाना टीज़ एक ऐसा माहौल देता है जो पूरी तरह पिथौरागढ़ जैसा महसूस होता है।

Picture of Kumaoni Thali at cafe 'Takana Teas' Pithoragarh
Picture of Kumaoni Thali at cafe 'Takana Teas' Pithoragarh

महिलाओं को सशक्त बनाते हुए—एक कप के साथ


टकाना टीज़ की सबसे विशेष बात सिर्फ इसका खाना नहीं, बल्कि इसकी सोच है।श्रीमती धामी ने शुरुआत से यह सुनिश्चित किया कि पूरा स्टाफ स्थानीय महिलाओं का ही होगा—वे महिलाएं जो पहले बेरोज़गार थीं या आर्थिक रूप से निर्भर थीं।

इस कैफ़े ने न केवल उन्हें रोजगार दिया, बल्कि आत्मविश्वास, कौशल और आर्थिक स्वतंत्रता भी दी।ज्योति धामी अक्सर कहती हैं—

“टकाना टीज़ सिर्फ एक कैफ़े नहीं, एक मंच है—जहाँ महिलाएं साथ मिलकर अपने भीतर की ताकत को पहचानती हैं।”

आज वे पिथौरागढ़ की खाद्य उद्योग ही नहीं, बल्कि सामाजिक विकास की दुनिया में भी एक सम्मानित नाम बन चुकी हैं।

Beautiful interiors of cafe 'Takana Teas' Pithoragarh
Beautiful interiors of cafe 'Takana Teas' Pithoragarh

स्वाद और उद्देश्य का सुंदर संगम


टकाना टीज़ इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि उद्यमिता कैसे सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।व्यवसाय के साथ करुणा और सामाजिक सोच को जोड़कर, श्रीमती धामी ने सिर्फ एक सफल कैफ़े नहीं बनाया—बल्कि एक ऐसी महिला आंदोलन की शुरुआत की है जो स्थानीय महिलाओं को बड़ा सोचने, साथ बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है।


उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि बड़े विचार हमेशा महानगरों या कॉर्पोरेट ऑफिसों से नहीं आते—कभी-कभी वे पहाड़ों में धीमी आँच पर, प्यार और धैर्य के साथ चाय की तरह धीरे-धीरे पकते हैं


जैसे-जैसे टकाना टीज़ आगे बढ़ रहा है, श्रीमती ज्योति धामी की यात्रा अनगिनत लोगों को प्रेरित कर रही है—यह विश्वास दिलाते हुए कि जुनून और उद्देश्य के साथ, एक छोटा-सा कैफ़े भी बदलाव की बड़ी चिंगारी बन सकता है।

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